मझियारी घाट प्रयागराज क़ी आड़ में रसूल पुर बियुर कौशाम्बी में पुक्लैण्ड मशीन से अवैध खनन जारी जीपीएस वीडियो हुआ वायरल

Kamta Prasad Chaurasiya
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कौशाम्बी। 

यमुना नदी की छाती चीरकर अवैध बालू खनन किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। प्रयागराज जनपद के मझियारी घाट खंड संख्या 6 के नाम पर स्वीकृत खनन पट्टे की आड़ में कौशांबी सीमा के रसूलपुर बबियुर क्षेत्र में पुकलैंड और जेसीबी मशीनों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन किए जाने के गंभीर आरोप लगे है ।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 13 मई 2026 के ताजा जीपीएस लोकेशन युक्त वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि यमुना नदी की सक्रिय धारा के भीतर पुकलैंड मशीन उतारकर गहराई तक खुदाई की जा रही है। स्थानीय लोग इस वीडियो को अवैध खनन का प्रत्यक्ष और पुख्ता साक्ष्य बता रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब खनन पट्टा प्रयागराज के मझियारी घाट खंड संख्या 6 के नाम पर स्वीकृत है, तो फिर कौशाम्बी सीमा के रसूलपुर ब्यौर क्षेत्र में आखिर किसके संरक्षण में खनन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। यही नहीं, निकाले गए बालू के परिवहन को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जिससे प्रशासनिक निगरानी, विभागीय कार्यप्रणाली और राजस्व व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। खनन विशेषज्ञों और स्थानीय जानकारों के मुताबिक नदी की सक्रिय धारा में पुकलैंड एवं जेसीबी जैसी भारी मशीनों का प्रयोग खनन नियमों के प्रतिकूल माना जाता है। इसके बावजूद खुलेआम मशीनों से यमुना की धारा में गहरी खुदाई किए जाने के आरोप यह संकेत दे रहे हैं कि नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर खनन कार्य किया जा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह यमुना नदी की तलहटी को मशीनों से खोदा जाता रहा, तो आने वाले समय में तटीय क्षेत्रों में कटान, जलस्तर असंतुलन और पर्यावरणीय संकट गहराने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, संयुक्त स्थलीय निरीक्षण तथा अवैध खनन में प्रयुक्त पुकलैंड और जेसीबी मशीनों को तत्काल सीज किए जाने की मांग उठाई है। साथ ही दोषी खननकर्ताओं और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।

रिपोर्ट -कामता प्रसाद चौरसिया 

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