कौशाम्बी
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन संगठन ने मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा वा ज्ञापन में विभिन्न प्रकार की मांग को लेकर कहा कि 9 जुलाई 2025 को ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन के आवाहन पर राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल में हिस्सेदारी और धरने की संदर्भ में सूचना देते हुए बताया कि आशा वर्कर्स के सवालों को केंद्र और राज्य की सरकारों ने लगातार अनसुना किया है जिससे उनका जीवन बहुत संकट पूर्ण स्थितियों में गुजर रहा है रात दिन सेवा योगदान देने और असीमित कार्य को पूरी निष्ठा और लगन से पूरा करने के बावजूद अभी भी 2000 रुपए की बेहद अपमानजनक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है ना सेवा के नियमावली है और ना किसी तरह से सामाजिक सुरक्षा 2013 के भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश को लागू करने की सरकार ने कोई इच्छा नहीं दिखाई जबकि उसे श्रम सम्मेलन में कर्मचारियों के रूप में स्वीकार कर न्यूनतम वेतन ईपीएफ ईएसआई ग्रेडूटी बीमा जैसी व्यवस्थाएं तत्काल दिए जाने की सिफारिश की गई थी प्रोत्साहन राशियों का एक दशक से अधिक समय से कोई पुनरीक्षण नहीं हुआ है यही नहीं बढ़ते काम के दायरे के अनुरूप 45 से अधिक कार्यों की कोई प्रोत्साहन राशि भी नहीं तय की जा सकी सरकार की इस उपेक्षा और अनदेखी से आशा कर्मियों में बहुत आक्रोश है देश भर के 10 राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त महासंघो और फेडरेशनो ने राष्ट्रीय हड़ताल का आह्वान किया है ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन संबंध एक्ट से जुड़ी उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन भी इस अहवाह्न के अनुरूप प्रदेश भर में अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को बल प्रदान करेगी इस मौके पर जिला अध्यक्ष गीतांजलि यादव सचिव अभिलाषा देवी,शांति देवी, भोला रानी, आशा सिंह, नीलम विश्वकर्मा आदि लोग मौजूद रहे l
रिपोर्ट : कामता प्रसाद चौरसिया


