पौष पूर्णिमा प्रथम स्नान के साथ प्रयागराज कुम्भ मेला का हुआ आगाज, सुरक्षा व्यवस्था एलर्ट मोड़ पर , स्नान कर लोगों ने अपने जीवन को धन्य किया

Kamta Prasad Chaurasiya
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प्रयागराज  

प्रयागराज कुम्भ मेला का पौष पूर्णिमा प्रथम स्नान के साथ आगाज हो गया। मां गंगा यमुना सरस्वती के संगम तट पर हर वर्ष कुम्भ मेला आयोजित किया जाता है इस दौरान दर्शनार्थी एवं कल्पवासियों का बड़ा हुजूम इकठ्ठा होता हैं और पतित पावनी मां गंगा के सानिध्य में शिवरात्रि तक रह कर स्नान ध्यान पूजा जप आदि क्रियाओं को कर अपने जीवन को सार्थक बनाता है l कड़ाके की ठंड का  सामना करते हुए गृहस्थ कल्पवासियों आधी रात के बाद तक आते रहे l त्रिवेणी (संगम) तट पर जप,तप,यज्ञ अनुष्ठान का माघ मेला शनिवार को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व शुरू हो गया l वहीं पर संत और गृहस्थ संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर कल्पवास का शुभारंभ हो गया है और संगम के रेती पर अगले माघी पूर्णीमा तक जप,तप चलता रहेगा l वहीं पर साधू संत एवं कल्पवासी लोग 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक भजन,पूजन में लीन रहेंगे l और इस बार चतुर्ग्रहीय योग में माघ मेला का शुभारंभ हुआ है जो काफी पुण्यकारी माना जा रहा है l और माघ मास में संगम तीरे पर सदियों से कल्पवास की परंपरा चली आ रही है l और गृहस्थ जीवन से समस्त मोह माया,घर परिवार से दूर रह कर सुख - सुविधाओं का त्याग कर एक माह     जप-तप करते है l और जन्म - जन्मांतर के पापों से मुक्ति एवं पूर्वजों की तृप्ति व मोक्ष की प्राप्ति के लिए संकल्पना साकार करने को कठिन तप करते है l और पहली बार सात सेक्टर में माघ मेला बसाया गया है l ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार पूर्णिमा तिथि शुक्रवार की शाम 6.12 बजे लग चुकी है जो शनिवार की शाम 4.03 बजे तक रहेगी l शनिवार की सुबह 10.03 बजे तक ब्रह्म योग रहेगा इसके बाद ऐंद्व योग लग जायगा l धनु राशि में सूर्य,मंगल,बुध और शुक्र के संचरण होने से चतुर्ग्रहीय योग बन रहा है l और इन ग्रहों मिलन अत्यंत पुण्यकारी है l सुबह स्नान के बाद गृहस्थ संतो और तीर्थपुरोहितों के शिविर में शामिल हो कर कल्पवास करेंगे l और इस बार स्नानार्थियों को सुविधा के लिए संगम व गंगा में 16 घाटों पर स्नान का प्रबंध किया गया है l वहीं शुक्रवार को घाटों को दुरुस्त किया गया l घाट के किनारे कासा बिछ्वाकर उजाले के लिए प्रकाश का प्रबंध किया गया l भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत 42 अस्थायी पार्किंग बनाई गई है जहां पर 1.30 लाख  वाहन खड़े हो सकेंगे l मेला में सुरक्षा की दृष्टि से 17 थाना व 42 पुलिस चौकी, 20अग्निशमन स्टेशन, 7 अग्निशमन चौकी,20 अग्निशमन वाच टॉवर,एक जल पुलिस थाना,एक जल पुलिस कंट्रोल रूम तथा चार जल पुलिस सब कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है l और आठ किलोमीटर डीप वाटर बैरिकेडिंग लगाई गई है l वहीं पर मेला क्षेत्र में ए आई युक्त कैमरों सहित कुल 400 सौ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से क्राउड मॉनिटरिंग, क्राउड डेंसिटी एनालिसिस, इंसिडेंट रिपोर्टिंग,स्वच्छता एवं सुरक्षा निगरानी की व्यवस्था की गई है l यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के लिए अंतर जनपदीय एवं अंतर राज्यीय कार्ययोजना विकसित की गई है l


मेला को देखते हुए यातायात व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक प्रबंध शासन की ओर से किया गया है ।



रिपोर्ट कामता प्रसाद चौरसिया शिवम चौरसिया

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