सुप्रीम कोर्ट मे जनपद कौशाम्बी का किया गया प्रतिनिधित्व

Kamta Prasad Chaurasiya
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कौशाम्बी


राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में 8 व 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के ऑडिटोरियम हाल में राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस पर नेशनल कांफ्रेंस ऑफ लीगल सर्विसेज का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर देश के सभी राज्यों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। कौशांबी का प्रतिनिधित्व पराविधिक स्वयं सेविका ममता दिवाकर ने किया। 

   ज्ञात हो कि ममता दिवाकर को यह अवसर उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों और लिए गए साक्षात्कार में चयनित होने के आधार पर प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि कॉन्फ्रेंस के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली जुड़े रहकर विधिक सेवा संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि न्याय तभी संभव है, जब वह सरलता से समाज के अंतिम व्यक्ति के दरवाजे तक पहुंचे। प्रधानमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को जन-जागरूकता बढ़ाने व विधिक सहायता को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। 

   कार्यक्रम में ममता दिवाकर ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, घरेलू हिंसा, बाल-अधिकार, महिलाओं के अधिकार व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जन-जागरूकता के क्षेत्र में लगातार किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अवसर न केवल उनके लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इसका श्रेय अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी पूर्णिमा प्रांजल, ऑफिस स्टाफ एवं अपने सहयोगी पराविधिक स्वयंसेवकों को दिया।



रिपोर्ट - कामता प्रसाद चौरसिया, शिवम चौरसिया

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