कौशाम्बी।
जनपद के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र धम्म मित्र बुद्ध विहार में बुद्ध पूर्णिमा का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विहाराधीश भंते धम्म रतन के सानिध्य में विशेष धम्म कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में अनुयायियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ तथागत बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन राम प्रकाश बौद्ध द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के संदेशों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में बुद्ध की शिक्षाएं और 'धम्म' का मार्ग ही विश्व शांति का एकमात्र विकल्प है।
संस्कार और परंपरा का संगम देखते हुवे बुद्ध पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर बुद्ध विहार में सामूहिक मुंडन संस्कार कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें दर्जनों बच्चों का मुंडन संस्कार बौद्ध रीति-रिवाज के साथ संपन्न कराया गया।कौशाम्बी और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने इस उत्सव में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए मंगल कामना की गई और प्रसाद वितरण के साथ आयोजन संपन्न हवा।आयोजन के दौरान बुद्ध विहार का परिसर 'बुद्धम शरणम गच्छामि' के जयघोष से गुंजायमान रहा। शैलेंद्र कुमार जिलाध्यक्ष बसपा,अमरेन्द्र कुमार,राजकिशोर बौद्ध,छेदी लाल मौर्य,चंद्रिका प्रसाद मौर्य,मोहन लाल,रामशिरोमणि बौद्धचुन्नी लाल प्रधानाचार्य, शिवमोहन मौर्य,उमा भारती जी,सुमन देवी सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रीलंका राम बुद्ध विहार में आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत सराहनीय है। भंते विशुद्धि महाथेरा जी ने धम्म देशना के माध्यम से यह बताया कि भगवान बुद्ध का मार्ग आध्यात्मिक शांति ही नहीं प्रदान करता है, बल्कि शांति और करुणा के संदेश को समाज में और गहराई से प्रसारित भी करता है।
रिपोर्ट कामता प्रसाद चौरसिया शिवम चौरसिया




