कौशाम्बी।
केन्द्र और प्रदेश की सरकार ग्रामीणों व श्रमिकों के लिए संसद द्वारा हाल ही में एक अधिनियम पारित किया गया है। विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारन्टी मिशन (वीबी-जी रामजी) अधिनियम। यह देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक एतिहासिक कदम है।
उक्त बातें प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने प्रेस वाती में कही।
उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बहुत अच्छी योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लागू करने जा रही है। पहले वाले अधिनियम यानी महात्मा गांधी नरेगा में बेरोज़गारी भत्ता का लाभ मिलना लगभग असंभव था। किंतु उसमें कई शर्तें थी। लेकिन विकसित भारत-जी रामजी अधिनियम में यह सब प्रतिबंध हटा दिए गए है।
अब यदि काम मांगने पर कार्य न मिले तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः मिलेगा। इस रोजगार का अधिकार अब वास्तव में कानूनी अधिकार बन जाएगा।
इस अधिनियन में रोजगार की गोरंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है जो कि मेहनतकश ग्रामीण समाज के लिए बहुत बड़ा परिवर्तन है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को इस नए अधिनियम पर दिग्भ्रमित कर रहे हैं जो ओछी मानसिकता का परिचायक है।
रिपोर्ट कामता प्रसाद चौरसिया शिवम चौरसिया


