सराय आकिल कौशांबी। समूचे जिले में होली का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। लोग परंपरा के अनुसार 24 मार्च को होली दहन स्थल पर पहुंचकर होलिका तापी। इसके बाद दूसरे दिन 25 तारीख को रंगों के साथ होली पर्व एक दूसरे के साथ मनाया। हालांकि सराय अकिल नगर पंचायत मे होलिका दहन के दूसरे दिन बैजाला रक्खा जाता है जिससे आस पास के ग्रामीण इलाके के लोग जरुरत के सामान यहां से खरीद सके और होली पुरे उत्साह से मनाये l नगर क्षेत्र में सप्ताह भर होली महापर्व बड़े ही उल्लास के मनाया जाता है। कानपुर के बाद उत्तर प्रदेश मे सराय आकिल नगर पंचायत ही है जहाँ बड़े ही उमंग और जोस के साथ लोग सप्ताह भर होली मनाते है, इस दौरान यहां के लोग शालीनता का परिजय देते हुये आने जाने वाले लोगो के साथ कोई अभद्र ब्योहार नहीं करते यहां रंगोंउत्सव सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक ही खेला जाता है उसके बाद लोग नये कपड़े पहनकर एक दूसरे के घर होली मिलने जाते है और एकदूजे को बधाई देते है l
बताना जरूरी होगा कि हिंदू धर्म में होली महा पर्व का अपना एक अलग महत्व है। मान्यता के अनुसार होली दहन के बाद किसानों के घर नई फसल पहुंचती है, दूसरी तरफ होलिका दहन का मतलब समाज की बुराइयों का दहन हो जाना हैं । इसी मान्यता के अनुसार लोग होलिका दहन के दूसरे दिन एक दूसरे को रंग गुलाल आदि डालकर पर्व का उत्साह मानते हैं,वही अबीर आदि लगाकर एक दूसरे से गले मिलकर साल भर की बुराइयों को भूलकर एक नये रिश्ते की शुरुआत भी करते हैं। इसी मान्यता के अनुसार होली का पर्व लोग बड़े धूमधाम से मनाते हैं।कहीं-कहीं गांव में आज भी होली का पर्व बहुत ही पुराने रीति रिवाज के साथ आयोजित होता है। होली दहन के दो दिन पहले से बड़े बुजुर्गों द्वारा फाग गीत का कार्यक्रम शुरू कर दिया जाता है जो होली पर्व के एक-दो दिन बाद तक आयोजित होता है। इतना ही नहीं लोग एक दूसरे से भाईचारा कायम करते हुए घरों में बने पकवानों को खिलते हैं और प्रेम का एक नया रूप बनाते हैं। हालांकि जिले में होली पर लोगों ने बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जिले का कस्बा हो या गांव हर तरफ होली के रंग की फुहार देखते बन रही थी। नन्हे मुन्ने बच्चे हाथों में पिचकारी लेकर एक दूसरे को दौड़ते हुए रंग डाल रहे थे। इस तरह से समूचे जिले में होली का पर्व लोगों ने पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया।
इस दौरान सराय आकिल कोतवाली के इंस्पेक्टर विनीत सिंह मय फ़ोर्स भ्रमणशील रहते है ताकि त्यौहार मे काई भी आराजकतात्व बिघ्न बधा न उतपन्न कर सके l
रिपोर्ट -कामता प्रसाद चौरसिया




