डीएम ने ब्लाको मे कार्यशाला का आयोजन कर किसानो को नैनो यूरिया की उपयोगिता के सम्बन्ध मे जागरूक करने के दिए निर्देश

Kamta Prasad Chaurasiya
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                   कौशाम्बी। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में आज उदयन सभागार में कृषकों को कृषि एवं कृषि से सम्बन्धित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की आउटकम समीक्षा एवं आत्मा योजना की गवर्निंग बैठक आहूत की गई।

                   ज्ञात हो कि बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित विभागों-कृषि, उद्यान, मत्स्य, भूमि संरक्षण अधिकारी, लघु सिंचाई, मण्डी, जिला खाद्य एवं विपणन से सम्बन्धित विभाग के अध्यक्षों के साथ बैठक किया गया था, जिसमें जिलाधिकारी द्वारा लक्ष्य एवं पूर्ति के ऑकड़ों की समीक्षा के स्थान पर लाभ प्राप्त करने वाले कृषकों की आय में होने वाले बृद्धि व जीवन शैली में आने वाले बदलाव का मापदण्ड निर्धारित करने एवं प्रत्येक विभाग के योजनाओं की क्षेत्र स्तर पर मॉनीटरिंग कर आउटकम लाने के निर्देश दिये गये। उन्होंने नैनो यूरिया की सभी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता बनाये रखने के निर्देश दियें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 05 अधिकारियों की टीम बनाकर 02 दिवस के अन्दर सभी समितियों का निरीक्षण कर नैनो यूरिया की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर अवगत करायें। उन्होने कहा कि ब्लॉकों में कार्यशाला का आयोजन कर किसानों को नैनो यूरिया को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में जागरूक किया जाय।  

                    उप कृषि निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किये जाने का लक्ष्य वर्तमान वर्ष में 8000 स्वास्थ्य कार्ड वितरण का है, जिसे प्रत्येक विकासखण्ड में समान संख्या में वितरित कर कृषकों को लाभान्वित किया जायेंगा। उन्हांने कहा कि प्रत्येक विकास खण्ड से 10-10 ऐसे कृषकों जिनके खेतों से मृदा नमूना लिया गया है, उन खेतों में फसल उत्पादन में होने वाले परिवर्तन की मॉनीटरिंग रिपोर्ट अगली बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाय, जिससे यह स्पष्ट हो सकें कि योजनाओं का समुचित लाभ कृषकों को प्राप्त हो पा रहा है अथवा नहीं।  

                   जिला उद्यान अधिकारी द्वारा केले के उत्पादन एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से होने वाले लाभ का विवरण समीक्षा बैठक में प्रस्तुत किया जिसके क्रम में जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों पशुपालन, मत्स्य, उद्यान, सहकारिता, कृषि, लघु सिंचाई, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत, नहर एवं सिंचाई, भूमि संरक्षण को निर्देशित किया गया कि कृषकों को दिये गये योजना का लाभ, नई तकनीकी के प्रचार-प्रसार का लाभ लाभार्थी व्यवहारिक रूप से कर रहा है अथवा नहीं यदि नई तकनीकी का उपयोग अपने व्यवसाय में कर रहा है तो उससे लाभार्थी कृषको को कितना लाभ हुआ तथा उसकी आर्थिक दशा में कितना सुधार आया।

                  इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अजीत कुमार श्रीवास्तव, उप कृषि निदेशक सतेन्द्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी एवं भूमि संरक्षण अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे



रिपोर्ट :कामता प्रसाद चौरसिया

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